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GST Registration के बाद क्या करें? (2026 में Beginners के लिए Complete Guide)

  🧾 GST Registration के बाद क्या करें? (2026 में Beginners के लिए Complete Guide) 📌 Introduction बहुत से लोग GST registration तो करवा लेते हैं, लेकिन उसके बाद क्या करना है, ये समझ नहीं पाते। 2026 में online business, reselling और freelancing बढ़ने के कारण GST की importance और भी बढ़ गई है। अगर आपने GST number ले लिया है, तो अब आपको कुछ जरूरी steps follow करने होते हैं, वरना penalty भी लग सकती है। इस article में हम जानेंगे कि GST registration के बाद क्या करना चाहिए , ताकि आपका business safe और profitable रहे। 🔍 GST Registration के बाद सबसे पहला काम 🔹 1. GST Portal Login करना सीखें Registration के बाद आपको GST portal पर login करना जरूरी है। 👉 यहाँ से आप: Return file करेंगे Invoice manage करेंगे Tax details देखेंगे 🧾 2. Invoice बनाना शुरू करें (बहुत जरूरी) GST लेने के बाद आपको हर sale पर GST invoice देना होता है। 🔹 Invoice में क्या होना चाहिए: GST Number Business Name Invoice Number Product details GST amount 👉 बिना invoice के business करना ...
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AI से रिज्यूम कैसे बनाएं जो ATS को पास कर जाए – 2026 की सबसे स्मार्ट ट्रिक

  AI से रिज्यूम कैसे बनाएं जो ATS को पास कर जाए – 2026 की सबसे स्मार्ट ट्रिक दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि आप एक शानदार रिज्यूम बनाकर भेजते हो, लेकिन कॉल नहीं आती? हो सकता है कि आपका रिज्यूम  ATS (Applicant Tracking System)  की पहली स्क्रीनिंग में ही रिजेक्ट हो गया हो। ATS एक सॉफ्टवेयर है जिसका इस्तेमाल बड़ी कंपनियाँ हजारों रिज्यूम को फिल्टर करने के लिए करती हैं। अगर आपका रिज्यूम ATS-फ्रेंडली नहीं है, तो चाहे आप कितने भी योग्य हों, आपकी प्रोफाइल कभी HR तक नहीं पहुँचती। लेकिन अब 2026 में हमारे पास  AI टूल्स  हैं जो इस काम को आसान और सटीक बना सकते हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे: ATS क्या है और यह कैसे काम करता है? AI से ATS-फ्रेंडली रिज्यूम बनाने के 5 स्टेप्स बेस्ट फ्री AI टूल्स (ChatGPT, ResumAI, etc.) प्रोम्प्ट हैक्स जो आपका काम आधे समय में करेंगे वो 3 गलतियाँ जो आपका रिज्यूम बर्बाद कर सकती हैं तो चलिए, शुरू करते हैं। 1. ATS क्या है और क्यों है जरूरी? ATS यानी   Applicant Tracking System   एक AI-बेस्ड सॉफ्टवेयर है जो रिज्यूम को स्कैन करता है, कीवर्...

अप्रैल 2026 से बदलने वाले PF और ESI के नए नियम – आपकी सैलरी पर कितना असर?

  अप्रैल 2026 से बदलने वाले PF और ESI के नए नियम – आपकी सैलरी पर कितना असर? दोस्तों, जैसे ही मार्च खत्म होता है और अप्रैल शुरू होता है, हर नौकरीपेशा व्यक्ति की नजर अपनी सैलरी स्लिप पर लग जाती है। नया फाइनेंशियल ईयर (2026-27) शुरू हो रहा है और इस बार  PF, ESI और ग्रेच्युटी  से जुड़े कुछ अहम बदलाव लागू हो रहे हैं। ये बदलाव सीधे आपकी  इन-हैंड सैलरी ,  रिटायरमेंट फंड  और  मेडिकल बेनिफिट्स  को प्रभावित करेंगे। इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे: PF (Provident Fund) की नई सीमा क्या होगी? ESI (Employee State Insurance) में क्या बदलाव होंगे? ग्रेच्युटी के नियम कैसे बदल रहे हैं? आपकी सैलरी पर कितना फर्क पड़ेगा? आपको क्या करना चाहिए? तो चलिए, बिना देरी किए जानते हैं उन बदलावों के बारे में जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। 1. EPFO ने बढ़ाई PF की वेज सीमा – अब कितना कटेगा? अब तक EPFO (Employees' Provident Fund Organisation) के तहत  15,000 रुपये प्रति माह  की वेतन सीमा थी, यानी अगर आपकी बेसिक सैलरी 15,000 से कम थी तो PF में योगदान अनिवार्य था, और अधि...

2026 का नया इनकम टैक्स स्लैब – सैलरीड क्लास पर क्या असर? (पूरी डिटेल)

  2026 का नया इनकम टैक्स स्लैब – सैलरीड क्लास पर क्या असर? दोस्तों, 2026 का बजट आ चुका है और इस बार आम आदमी, खासकर सैलरीड क्लास के लिए इनकम टैक्स में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह सीधे आपकी जेब से जुड़ा है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे: नए टैक्स स्लैब क्या हैं? पुराने रिजीम (Old Regime) और नए रिजीम (New Regime) में क्या फर्क है? आपकी सैलरी पर कितना असर पड़ेगा? किसे कौन सा रिजीम चुनना चाहिए? तो चलिए, बिना देरी किए जानते हैं 2026 के टैक्स नियमों की ए-टू-ज़ेड जानकारी। 1. नया टैक्स रिजीम (New Tax Regime) – स्लैब और दरें सरकार ने नए टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बना दिया है, लेकिन आपको पुराने रिजीम में रहने का विकल्प भी दिया गया है। पहले नए रिजीम में अधिकतम छूट 7 लाख तक थी, अब इसे बढ़ाकर  8 लाख रुपये  कर दिया गया है। यानी अब 8 लाख तक की सालाना आय पर  कोई टैक्स नहीं  लगेगा। नए रिजीम के तहत 2026 के स्लैब इस प्रकार हैं: वार्षिक आय (₹) टैक्स दर 0 – 4,00,000 0% 4,00,001 – 8,00,000 5% (पर छूट: अगर आय 8 लाख तक है तो रि...